रविवार, 25 जुलाई 2021

अपनी गरिमा रहे बर्करार

                                                        गढ़ता चल तू अपना संसार

अपनी गरिमा न गिरने देना,

अपनी गुरुता रखना बर्करार,

ये झलके आपके वाणी - आचरण से,

येही आपके चरित्र के आधार ।1।

 

कोई कैसा व्यवहार कर रहा,

कैसे हैं उसके वाणी आचार,

मत करना अधिक परवाह इनकी,

ये उसकी सम्पत्ति, उसकी इज्जत, उसका संसार ।2।

 

तुम तो रहना संयत जीवन में,

विनम्र, उदात्त और श्रेष्ठ विचार,

रहना विनीत अढिग अपने सत्य पर, 

संग अपनी स्थिरता, शांति और स्वाभिमान ।3।

 

आएंगी अग्नि परीक्षाएं अनगिन,

शुभचिंतकों, भ्रमितों के औचक प्रहार,

स्वागत करना खुले दिल से इनका भी,

रहना हर एडवेंचर के लिए तैयार ।4।

 

यही तो खेल जिंदगी का इस धरा पर,

धारण कर क्षणभंगुर जीवन का सार,

 राह की हर कसौटी पर कसते,

गढ़ता चल तू अपना संसार ।5।