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दिसंबर 27, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

यात्रा वृतांत - मेरी पहली मुम्बई यात्रा, भाग-2

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अक्सा बीच व कान्हेरी गुफाओं की गोद में पिछले ब्लॉग में हम मुम्बई में प्रवेश से लेकर, वाशी सब्जी मंडी व यातायात का वर्णन कर चुके हैं, इस पोस्ट में हम अगले दिनों मुम्बई के कुछ दर्शनीय इलाकों के रोचक एवं ज्ञानबर्धक अनुभवों को शेयर कर रहे हैं, जिनमें अक्सा बीच का सागर तट और कान्हेरी गुफाएं शामिल हैं। मुम्बई की गगनचुम्बी इमारतें महानगर को विशेष पहचान देती हैं, जिनमें अधिकाँशतः कंपनियों के ऑफिस रहते हैं। महानगरों की आबादी को समेटने के उद्देश्य से कई मंजिले भवनों का निर्माण समझ आता है। फिर यहाँ शायद भूकम्प का भी कोई बड़ा खतरा नहीं है। सागर, नदियाँ व बाँध पास होने की बजह से पीने के पानी भी यहाँ कोई बड़ी समस्या नहीं है। जिंदगी यहाँ भागदौड़ में रहती है, जिसे यहाँ के व्यस्त ट्रेफिक को देखते हुए समझा जा सकता है। नवी मुम्बई के रास्ते में पवाई लेक के दर्शन हुए, जो काफी बड़ी दिखी। इसके किनारे रुकने व अधिक समझने का तो मौका नहीं मिला, लेकिन यह महानगर का एक आकर्षण लगी, जिसके एक ओर आईआईटी मुम्बई स्थित है और पीछे पहाड़ियाँ व घने जंगल। इसके आगे सागर के बेकवाटर पर बने पुल व पृष्ठ

यात्रा वृतांत - मेरी पहली मुम्बई यात्रा, भाग-1

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मायानगरी से पहला परिचय बचपन के बम्बई और आज के मुम्बई का नाम सुनते दशकों बीत गए, लेकिन यहाँ की यात्रा का कभी कोई संयोग नहीं बन सका। सुनी-सुनाई बातों और बहुत कुछ मीडिया की जुबानी, इस महानगर की छवि एक घिच-पिच शहर की बन गयी थी, जहाँ शोर-शराबा, भाग-दौड़ भरी हाय-हत्या, प्रदूषण और नरक सा जीवन होगा। फिर मायानगरी नाम से इसके घोर भौतिकवादी स्वरुप का अक्स जेहन में उभरता था। लेकिन अक्टूबर माह में जब अचानक मुम्बई के भ्रमण का संयोग बना, तो 3-4 दिन में ही मुम्बई के प्रति हमारे सारे भ्रम के बादल छंटते गए। महानगर से हल्का सा ही सही, किंतु ऐसा गाढ़ा परिचय हुआ कि मुम्बई हमारे सबसे मनभावन महानगरों की श्रेणी में शुमार हो गया। इस महानगर में प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, भूगोल, परम्परा, अध्यात्म और एडवेंचर की जो झलक मिली, संभावनाएं दिखीं, वो हमारी कल्पना से परे थी। साथ ही अहसास हुआ कि पुरुषार्थी एवं जुझारू प्रतिभाओं के लिए यह महानगर संभावनाओं का द्वार है, जहाँ प्रतिभा एवं कला के कदरदानों की कमी नहीं। और यदि व्यक्ति विवेक से काम ले तो मुम्बई स्वर्ग से कम नहीं है, जहाँ व्यक्ति धर्म, अर्थ, काम और