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भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला

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Indian Institute of Advanced Study (IIAS Shimla) शिमला की पहाडियों की चोटी पर बसा भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला का एक विशेष आकर्षण है, जो शोध-अध्ययन प्रेमियों के लिए किसी तीर्थ से कम नहीं। उच्चस्तरीय शोध केंद्र के रुप में इसकी स्थापना 1964 में तत्काकलीन राष्ट्रपति डॉ.एस राधाकृष्णन ने की थी। इससे पूर्व यह राष्ट्रपति भवन के नाम से जाना जाता था और वर्ष में एक या दो बार पधारने वाले राष्ट्र के महामहिम राष्ट्रपति का विश्रामगृह रहता था, साल के बाकि महीने यह मंत्रियों और बड़े अधिकारियों की आरामगाह रहता। डॉ. राधाकृष्णन का इसे शोध-अध्ययन केंद्र में तबदील करने का निर्णय उनकी दूरदर्शिता एवं महान शिक्षक होने का सूचक था।   आजादी से पहले यह संस्थान देश पर राज करने वाली अंग्रेजी हुकूमत की समर केपिटल का मुख्यालय था। सर्दी में कलकत्ता या दिल्लीतो गर्मिंयों में अंग्रेज यहाँ से राज करते थे और इसे वायसराय लॉज के नाम से जाना जाता था। अतः यह मूलतः अंग्रेजी वायसरायों की निवासभूमि के रुप में 1888 में तैयार होता है, जिसमें स्कॉटिश वास्तुशिल्प शैली को देखा जा सकता है। इसे शिमला की सात पहाड़ियों में से

यात्रा वृतांत - मेरी यादों का शिमला और पहला सफर वरसाती, भाग-2(अंतिम)

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घाटी की इस गहराई में, इतने एकांत में भी युनिवर्सिटी हो सकती है, सोच से परे था। मुख्य सड़क से कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कि शहर के बीहड़ कौने में प्रकृति की गोद में ऐसा प्रयोग चल रहा हो। लेकिन यही तो मानवीय कल्पना, इच्छा शक्ति और सृजन के चमत्कार हैं। लगा इंसान सही ढंग से कुछ ठान ले, तो वह कोई भी कल्पना साकार कर सकता है, मनमाफिक सृष्टि की रचना कर सकता है। यहाँ इसी सच का गहराई से अनुभव हो रहा था। कुछ ही मिनटों में हम कैंपस में थे। राह में विचारकों, शिक्षाविदों, महापुरुषों के प्रेरक वक्तव्य निश्चित ही एक विद्या मंदिर में प्रवेश का अहसास दिला रहे थे। प्रकृति की गोद में बसे परिसर में, नेचर नर्चरिंग द यंग माइंड्ज, की उक्ति चरितार्थ दिख रही थी। चारों और पहाडियों से घिरे इस परिसर में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर सामने पहाड़ी पर तारा देवी शक्तिपीठ प्रत्यक्ष हैं। आसमां पूरी तरह से बादलों से ढ़का हुआ था, मौसम विभाग की सूचना के अनुसार भारी बारिश के आसार थे। सम्भवतः हमारा गुह्य मकसद पूरा होने वाला था। गेस्ट हाउस में फ्रेश होकर, स्नान-ध्यान के बाद विभाग एवं विश्वविद्यालय के अकादमिक विशे